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भरमौर में निर्माणाधीन सिंयुर पुल लैंडस्लाइड से ध्वस्त, रावी में गिरा, 80 साल का इंतजार फिर बढ़ा


भरमौर-होली मार्ग पर निर्माणाधीन सिंयुर पुल लैंडस्लाइड की चपेट में आकर ध्वस्त
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मलबा आने से रावी नदी में गिरा पुल
करीब 80 साल का इंतजार फिर बढ़ा, जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं



चंबा। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने अभी से पहाड़ी क्षेत्रों में खतरे की घंटी बजा दी है। चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया, जब भरमौर-होली सड़क मार्ग पर निर्माणाधीन सिंयुर पुल भारी लैंडस्लाइड की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण पुल कुछ ही पलों में ढहकर रावी नदी में जा गिरा। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय पुल या उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार के जानी नुकसान की खबर नहीं है।

बताया जा रहा है कि यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना थी। होली-खड़ामुख मार्ग पर बन रहा यह लोहे का पुल आसपास के कई गांवों की लाइफ लाइन माना जा रहा था। वर्षों से स्थानीय लोग एक मजबूत पक्के पुल की मांग कर रहे थे, क्योंकि अब तक आवाजाही के लिए लकड़ी के पुराने पुल पर ही निर्भर रहना पड़ता था। वाहन चालकों और स्थानीय ग्रामीणों को लंबे समय से इस पुल के तैयार होने का इंतजार था।

जानकारी के अनुसार इस पुल का टेंडर वर्ष 2023 में हुआ था और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया था। पुल के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। लेकिन मंगलवार सुबह पहाड़ी से आए भारी भूस्खलन ने इस पूरी परियोजना को बड़ा झटका दे दिया। पुल के गिरते ही मौके पर धूल और धुएं का बड़ा गुबार उठ गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

इस घटना का वीडियो भरमौर के भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भारी मलबे के दबाव के चलते निर्माणाधीन पुल अचानक टूटकर नीचे गिर जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे करीब 80 साल से पक्के पुल का इंतजार कर रहे थे। अब पुल के ध्वस्त होने से उनका इंतजार और लंबा हो गया है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यह हादसा एक बार फिर हिमाचल में मानसून और बारिश के दौरान निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है।